वे बिना कांपे, बिना कमजोर पड़े, बिना हार माने आगे बढ़ रही हैं। सबालेंका, स्वितोलिना, रयबाकिना और पेगुला ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में एक परफेक्ट रन बनाया, 21वीं सदी में यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में रोमांच की कमी: ड्रीम मैचेस के बावजूद, मुकाबले बिना मोड़ के चल रहे हैं। आंकड़े खुद बोलते हैं, एक फीके टूर्नामेंट का डर पैदा कर रहे हैं।